नोएडा | 14 अप्रैल 2026 दिल्ली से सटे नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर शुरू हुआ मजदूर आंदोलन अब एक बड़ी ‘विदेशी साजिश’ की ओर इशारा कर रहा है। सोमवार को हुई भारी हिंसा और आगजनी के बाद आज मंगलवार सुबह फिर से फेज-2 और सेक्टर-121 में माहौल गरमा गया। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी ने स्थिति को बिगड़ने से बचा लिया।
विदेशी साजिश और ‘फर्जी’ सोशल मीडिया हैंडल का खेल
सुरक्षा एजेंसियों को इस आंदोलन के पीछे गहरी साजिश का शक है। जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं:
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पाकिस्तान-बांग्लादेश लिंक: उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्री और अन्य अधिकारियों ने आशंका जताई है कि इस आंदोलन को अस्थिरता फैलाने के लिए सीमा पार से हवा दी गई है।
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सोशल मीडिया वॉर: पुलिस के अनुसार, महज 24 घंटे के भीतर 50 से अधिक फर्जी सोशल मीडिया हैंडल बनाए गए, जिनसे भड़काऊ वीडियो और अफवाहें फैलाई गईं। यूपी एसटीएफ (STF) अब इन हैंडल्स के डिजिटल फुटप्रिंट्स की जांच कर रही है।
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नक्सल कनेक्शन की जांच: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी संकेत दिए हैं कि खत्म हो रहे नक्सलवाद को दोबारा जीवित करने की कोशिश के तहत बाहरी तत्वों ने मजदूरों को गुमराह किया है।
300 गिरफ्तार, 100 हिरासत में: NSA की तैयारी
पुलिस ने अब तक इस हिंसा में शामिल 300 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि 100 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
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कड़ी कार्रवाई: पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया है कि माहौल खराब करने वाले मुख्य साजिशकर्ताओं के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA/रासुका) के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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आज की स्थिति: मंगलवार सुबह फेज-2 और सेक्टर-121 में घरेलू सहायिकाओं और श्रमिकों ने फिर से सड़क जाम कर पथराव की कोशिश की, लेकिन भारी पुलिस बल ने उन्हें खदेड़ दिया।
क्यों भड़का है मजदूरों का गुस्सा?
नोएडा के होजरी कॉम्प्लेक्स और अन्य औद्योगिक इकाइयों के मजदूर पिछले कई दिनों से न्यूनतम वेतन 20,000 रुपये करने की मांग कर रहे हैं।
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हरियाणा का असर: हाल ही में हरियाणा सरकार द्वारा न्यूनतम वेतन में की गई बढ़ोतरी के बाद नोएडा के मजदूरों में भी उम्मीद जगी थी।
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बढ़ती महंगाई: घरेलू गैस सिलेंडर और अन्य जरूरी चीजों के बढ़ते दामों ने मजदूरों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया है।
प्रशासन की अपील
गौतम बुद्ध नगर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वे मजदूरों की मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए तैयार हैं, लेकिन हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल पूरे औद्योगिक क्षेत्र में धारा 144 लागू है और पीएसी (PAC) के साथ-साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तैनाती की गई है।



