लखनऊ. ज्येष्ठ मास का पहला ‘बड़ा मंगल’ (जिसे बुढ़वा मंगल भी कहा जाता है) आज पूरे उत्तर प्रदेश विशेषकर राजधानी लखनऊ में पूर्ण श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। सुबह तड़के 4 बजे से ही अलीगंज के पुराने हनुमान मंदिर, हनुमान सेतु और अमीनाबाद के हनुमान मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। इस पावन अवसर पर शहर में जगह-जगह भंडारों का आयोजन किया गया है, जहां राहगीरों को पूड़ी-सब्जी और ठंडा पानी वितरित किया जा रहा है।

बड़ा मंगल का धार्मिक महत्व और पूजा के कड़े नियम
हिंदू धर्म में ज्येष्ठ मास के मंगलवार को संकटमोचन हनुमान जी की आराधना के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी महीने में भगवान राम की मुलाकात अपने परम भक्त हनुमान जी से हुई थी। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, हनुमान जी अत्यंत जाग्रत देव हैं जो सूक्ष्म गलतियों से भी रुष्ट हो सकते हैं। इसलिए आज के दिन पूजा के दौरान पूर्ण पवित्रता और विशेष नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
आज के दिन हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और सुंदरकांड का पाठ करना विशेष फलदायी माना गया है। व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को आज के दिन नमक का सेवन करने से बचना चाहिए। साथ ही, हनुमान जी को अर्पित किए जाने वाले प्रसाद में शुद्धता का पूरा ध्यान रखना आवश्यक है।
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श्रद्धालु भूलकर भी न करें ये गलतियां: पूजा की जरूरी सावधानियां
बड़ा मंगल के दिन पूजा का पूरा फल प्राप्त करने के लिए कुछ वर्जित कार्यों से दूर रहना अति आवश्यक है। यदि आप आज हनुमान जी के दर्शन या व्रत कर रहे हैं, तो इन बातों का विशेष ध्यान रखें:
- तामसिक भोजन से दूरी: आज के दिन घर में मांस, मदिरा, प्याज और लहसुन का प्रयोग पूरी तरह वर्जित रहता है।
- सफेद और काले वस्त्र न पहनें: हनुमान जी की पूजा में लाल या पीले रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है। आज भूलकर भी काले या सफेद वस्त्र धारण न करें।
- लोहे और स्टील के बर्तनों का प्रयोग: हनुमान जी को नैवेद्य अर्पित करते समय तांबे, पीतल या सोने-चांदी के बर्तनों का उपयोग करें। लोहे के बर्तनों के इस्तेमाल से बचें।
- वाद-विवाद और क्रोध का त्याग: इस पावन दिन पर किसी भी व्यक्ति से कटु वचन न बोलें और न ही घर में कलह का माहौल बनने दें।
प्रशासन ने शहरवासियों से अपील की है कि वे भीषण गर्मी और लू को देखते हुए मंदिरों की कतारों में खड़े होते समय ओआरएस (ORS) या पानी की बोतल साथ रखें, ताकि डिहाइड्रेशन से बचा जा सके।



