Pakistan HIV Crisis : पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एचआईवी (HIV) संक्रमण का गंभीर मामला सामने आया है। सरकारी अस्पताल में कथित लापरवाही के चलते एक ही सिरिंज का बार-बार इस्तेमाल किए जाने से कम से कम 78 बच्चे HIV पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें 6 बच्चों की मौत हो चुकी है। इस घटना ने देश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Pakistan HIV Crisis

कराची के कुलसुम बाई वालिका अस्पताल में सामने आए इस मामले के बाद सिंध एम्प्लॉईज सोशल सिक्योरिटी इंस्टीट्यूशन (SESSI) ने बड़े स्तर पर जांच अभियान चलाया। अस्पताल और आसपास के क्षेत्रों में 10,500 से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई, जिसमें 120 लोग HIV पॉजिटिव मिले। बाद में लांधी स्थित एक अन्य स्वास्थ्य केंद्र में जांच के दौरान 10 और संक्रमित मरीज सामने आए।
सरकार ने उठाए सख्त कदम
बढ़ते मामलों को देखते हुए पाकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्री मुस्तफा कमाल ने घोषणा की है कि अब देशभर में सर्जरी से पहले HIV जांच अनिवार्य की जाएगी। इसके अलावा सरकार ने 3 जुलाई को घटिया गुणवत्ता वाली सिरिंजों के इस्तेमाल और बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश भी जारी किए हैं।
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बच्चों में तेजी से बढ़े संक्रमण के मामले
आंतरिक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर 2024 से अक्टूबर 2025 के बीच केवल कराची में 331 बच्चे HIV पॉजिटिव पाए गए थे। हाल के सप्ताहों में संक्रमण के मामलों में और तेजी आने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है।
WHO और UNAIDS ने जताई चिंता
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और UNAIDS ने पाकिस्तान में बढ़ते HIV संक्रमण को पूर्वी भूमध्यसागरीय क्षेत्र की सबसे तेजी से फैलने वाली HIV महामारी में से एक बताया है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 15 वर्षों में पाकिस्तान में HIV मामलों में लगभग 200 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि संक्रमण रोकने के लिए सुरक्षित सिरिंजों का उपयोग, समय पर जांच, जागरूकता अभियान और संक्रमण नियंत्रण के सख्त नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है।


