PoK Protest: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। पिछले एक महीने से जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच स्थानीय लोगों ने Pakistan Army पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग और मानवाधिकार उल्लंघन के गंभीर आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो में कुछ लोग Indian Army से मदद की अपील करते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, इन वीडियो और दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
रिपोर्टों के अनुसार, PoK के कई इलाकों में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा बलों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनकी आवाज दबाने के लिए पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है।
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक महिला दावा करती नजर आती है कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कई लोगों की जान गई है और इलाके में भय का माहौल है। वहीं कुछ अन्य वीडियो में भी स्थानीय लोग Indian Army से सहायता की अपील करते दिखाई देते हैं। इन वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
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रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि 26 जुलाई को चुनावी प्रक्रिया के पहले चरण के दौरान हिंसा और सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कई लोगों की मौत हुई। हालांकि, विभिन्न स्रोतों में मृतकों की संख्या अलग-अलग बताई जा रही है और इसकी आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रही Joint Awami Action Committee (JAAC) ने आरोप लगाया है कि कार्रवाई के दौरान मारे गए लोगों के शवों को भी गायब किया गया। वहीं United Kashmir People’s National Party (UKPNP) ने भी आरोप लगाया कि 27 और 28 जुलाई को रावलकोट, मीरपुर और अन्य क्षेत्रों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग किया गया।
फिलहाल पाकिस्तान सरकार या सेना की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। स्थिति को लेकर विभिन्न दावे और प्रतिदावे जारी हैं, इसलिए इन दावों को सावधानी के साथ देखना आवश्यक है।


