Hum Vatan News
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश – विदेश
  • उद्योग
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Reading: Rebellion in Indian Politics : पार्टी में टूट के बाद कौन बना और कौन मिटा’ कांग्रेस से लेकर शिवसेना तक, भारतीय राजनीति में बगावत का दिलचस्प रिकॉर्ड
Font ResizerAa
Hum Vatan NewsHum Vatan News
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश – विदेश
  • उद्योग
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश – विदेश
  • उद्योग
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.

Home » Rebellion in Indian Politics : पार्टी में टूट के बाद कौन बना और कौन मिटा’ कांग्रेस से लेकर शिवसेना तक, भारतीय राजनीति में बगावत का दिलचस्प रिकॉर्ड

Featuredदेश - विदेश

Rebellion in Indian Politics : पार्टी में टूट के बाद कौन बना और कौन मिटा’ कांग्रेस से लेकर शिवसेना तक, भारतीय राजनीति में बगावत का दिलचस्प रिकॉर्ड

Hum Vatan News
Last updated: June 17, 2026 4:27 PM
By
Hum Vatan News
Share
SHARE
× Popup Image

Rebellion in Indian Politics : नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र की राजनीति इन दिनों एक बार फिर दलों के भीतर उठ रही बगावत और संभावित टूट की चर्चाओं से गर्म है। जहां पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर असंतोष और गुटबाजी की खबरें सुर्खियों में हैं, वहीं महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) को भी नए राजनीतिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में भारतीय राजनीति का इतिहास एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर रहा है कि पार्टी में बगावत के बाद आखिर कौन मजबूत हुआ और कौन राजनीतिक तौर पर कमजोर पड़ गया?

Contents
भारतीय राजनीति में बगावत कोई नई बात नहींकांग्रेस: सबसे ज्यादा टूट का सामना करने वाली पार्टीतृणमूल कांग्रेस: कांग्रेस से निकली और बंगाल की सबसे बड़ी ताकत बनीशिवसेना: बगावत ने बदल दी महाराष्ट्र की राजनीतिएनसीपी में भी दिखी थी बड़ी बगावतबगावत के बाद कौन जीतता है?वर्तमान संकट पर सबकी नजर

भारतीय राजनीति में बगावत कोई नई बात नहीं

देश की राजनीति में दलों के भीतर मतभेद और विभाजन का लंबा इतिहास रहा है। कई बार नेताओं की महत्वाकांक्षा, वैचारिक मतभेद या नेतृत्व को लेकर असहमति ने बड़े राजनीतिक दलों को तोड़ दिया। कुछ मामलों में बगावत करने वाले नेता नई ताकत बनकर उभरे, जबकि कई बार मूल पार्टी ही कमजोर हो गई।

- Advertisement -
HTML5 Icon

कांग्रेस: सबसे ज्यादा टूट का सामना करने वाली पार्टी

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने स्वतंत्रता के बाद सबसे अधिक राजनीतिक विभाजन देखे हैं। 1969 में कांग्रेस का पहला बड़ा विभाजन हुआ, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और संगठन के वरिष्ठ नेताओं के बीच टकराव बढ़ गया। इसके बाद कांग्रेस (ओ) और कांग्रेस (आर) अस्तित्व में आईं। समय के साथ इंदिरा गांधी का गुट मजबूत हुआ और मूल संगठन हाशिये पर चला गया।

- Advertisement -
HTML5 Icon

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 का असर: एक फोन कॉल पर किसान की समस्या का 24 घंटे में समाधान.

इसके बाद भी कांग्रेस से अलग होकर कई क्षेत्रीय दल बने, जिनमें राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी), तृणमूल कांग्रेस और वाईएसआर कांग्रेस जैसे दल शामिल हैं, जिन्होंने अपने-अपने राज्यों में मजबूत राजनीतिक आधार तैयार किया।

तृणमूल कांग्रेस: कांग्रेस से निकली और बंगाल की सबसे बड़ी ताकत बनी

ममता बनर्जी ने कांग्रेस से अलग होकर तृणमूल कांग्रेस की स्थापना की थी। शुरुआत में इसे एक राजनीतिक जोखिम माना गया, लेकिन समय के साथ टीएमसी ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में वाम दलों और कांग्रेस दोनों को पीछे छोड़ दिया। आज पार्टी राज्य की प्रमुख राजनीतिक शक्ति है।

हालांकि अब टीएमसी के भीतर भी असंतोष और गुटीय संघर्ष की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे राजनीतिक समीकरणों पर नजर रखी जा रही है।

शिवसेना: बगावत ने बदल दी महाराष्ट्र की राजनीति

महाराष्ट्र में शिवसेना का विभाजन हाल के वर्षों का सबसे बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम माना जाता है। 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में बड़ी संख्या में विधायक अलग हो गए, जिसके बाद उद्धव ठाकरे की सरकार गिर गई और राज्य की सत्ता का समीकरण पूरी तरह बदल गया।

बाद में चुनाव आयोग ने भी पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह शिंदे गुट को आवंटित कर दिया। इससे उद्धव ठाकरे गुट को संगठनात्मक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर बड़ा झटका लगा। अब यदि सांसदों के स्तर पर भी टूट होती है, तो यह शिवसेना (यूबीटी) के लिए नई चुनौती साबित हो सकती है।

एनसीपी में भी दिखी थी बड़ी बगावत

महाराष्ट्र में ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) भी विभाजन का सामना कर चुकी है। अजित पवार के नेतृत्व में पार्टी का एक बड़ा धड़ा अलग हुआ और सत्ता पक्ष के साथ चला गया। इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में नई परिस्थितियां पैदा कर दीं और एनसीपी के भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े किए।

बगावत के बाद कौन जीतता है?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि किसी भी पार्टी में बगावत के बाद केवल संख्या ही निर्णायक नहीं होती। संगठन, जनाधार, नेतृत्व क्षमता और जनता का समर्थन तय करता है कि कौन सा गुट लंबे समय तक टिकेगा।

कई बार बगावत करने वाले नेता सत्ता और संगठन दोनों हासिल कर लेते हैं, जबकि कई बार मूल पार्टी जनता के समर्थन के दम पर वापसी कर लेती है। इसलिए हर राजनीतिक विभाजन का परिणाम अलग-अलग परिस्थितियों पर निर्भर करता है।

वर्तमान संकट पर सबकी नजर

बंगाल में टीएमसी के भीतर चल रही कथित कलह और महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) के सामने खड़ी नई चुनौतियों ने एक बार फिर भारतीय राजनीति में दल-बदल और बगावत की बहस को तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में इन घटनाक्रमों का असर न केवल संबंधित राज्यों की राजनीति पर पड़ेगा, बल्कि राष्ट्रीय राजनीतिक परिदृश्य को भी प्रभावित कर सकता है।

भारतीय राजनीति का इतिहास यही बताता है कि बगावत कभी किसी नेता को शिखर तक पहुंचा देती है तो कभी किसी मजबूत राजनीतिक संगठन को कमजोर कर देती है। इसलिए हर नई राजनीतिक टूट अपने साथ नए समीकरण और नई संभावनाएं लेकर आती है।

Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Copy Link Print
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0

13843/168

Advertisement Carousel

Latest Post

CG NEWS : गौ सेवा आयोग अध्यक्ष की कार से भिड़ी बाइक, विवाद बढ़ने पर दो युवक पुलिस गिरफ्त में
Featured छत्तीसगढ़
सक्ती में इंसानियत शर्मसार: 4 साल की मासूम से दुष्कर्म, 14 वर्षीय नाबालिग आरोपी गिरफ्तार
Featured छत्तीसगढ़
CG NEWS : रहस्यमयी मौतों से दहला जांजगीर-चांपा, पिता समेत दो बच्चों के शव मिलने से इलाके में मातम
Featured छत्तीसगढ़
Explainer : डील फाइनल होगी या फिर बढ़ेगा तनाव, अमेरिका- Iran’ समझौते की 5 बड़ी चुनौतियां
Featured international
भूपेश बघेल को हाईकोर्ट से राहत नहीं, चुनाव याचिका खारिज करने की मांग नामंजूर
Featured छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ को बड़ी सौगात: चांपा-कोरबा तीसरी रेल लाइन को केंद्र की मंजूरी
Featured छत्तीसगढ़
NEET UG री-एग्जाम 2026 की तैयारियां तेज, गृह सचिव ने ली उच्च स्तरीय बैठक
Featured देश - विदेश
छत्तीसगढ़ में सनसनी: युवती से अश्लील हरकत का विरोध करने पर हमला
Featured छत्तीसगढ़

You Might Also Like Related

Featuredreligion

बॉलीवुड सिंगर Sonu Nigam को दर्दनाक न्यूरोलॉजिकल समस्या, लगातार इलाज जारी

By
Hum Vatan News
2 Min Read
Featuredछत्तीसगढ़

निर्जला एकादशी 2026 : बिना जल व्रत से मिलता है 24 एकादशी का पुण्य, जानिए इसका धार्मिक महत्व

By
Hum Vatan News
3 Min Read
Featuredछत्तीसगढ़

IPS सुंदरराज पी. बनेंगे NIA में IG, केंद्र सरकार ने जल्द रिलीव करने के दिए निर्देश

By
Hum Vatan News
3 Min Read
Previous Next
Hum Vatan News

Categories

  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश – विदेश
  • उद्योग
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

Follow for More

Quick Links

  • Privacy Policy
  • Contact
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  
« May    

Hum Vatan News. Nimble Technology Design Company. All Rights Reserved.

Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?