आज छत्तीसगढ़ विधानसभा में श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने श्री उमेश पटेल के द्वारा किये गये प्रश्न के जवाब में महतारी वंदन योजना के क्रियान्वयन के संबंध में अवगत कराया कि पूरे प्रदेश में 98 प्रतिशत ई.के.वाई.सी. की प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है और 68 लाख महिलाओं को लाभान्वित किया जा रहा है। सदन में प्रश्नोत्तर में विपक्ष के सदस्यों ने बार-बार अनेक प्रकार से श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े को अलग-अलग आंकड़ों के जाल में उलझाने का प्रयास किया, लेकिन श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने डटकर इसका सामना किया। उन्होंने पूरे सदन में सटीक आंकड़े प्र्रस्तुत किये और विपक्ष द्वारा ई.के.वाई.सी. के आधार पर हितग्राहियों को अपात्र करने के दावे को खारिज करते हुए बताया कि अपात्र करने और रोकने के अंतर को समझना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ई.के.वाई.सी. की प्रक्रिया जिनकी लंबित है उनके भुगतान भी लंबित हैं और उन्हें अपात्र नहीं माना गया है। विपक्ष ने 1.5 लाख हितग्राहियों को हटाने के दावे प्रस्तुत किये जिस पर उन्होंने स्पष्ट किया कि वास्तव में 1.23 लाख हितग्राहियों की मृत्यु हो चुकी है एवं शेष हितग्राही अन्य कारणों से अपात्र हैं इसलिए ये कहना गलत है कि बिना किसी कारण के हितग्राहियों को हटा दिया गया है। महतारी वंदन योजना का पोर्टल दोबारा खोलने के संबंध में उन्होंने स्पष्ट किया कि ये विष्णु देव साय जी की सुशासन की सरकार है और इस सरकार में प्रत्येक पात्र महिला को आवश्यकता अनुसार पोर्टल खोलकर पंजीकृत कर लाभ दिया जायेगा। उल्लेखनीय है कि सत्ता पक्ष के विधायकों ने भी विपक्ष को आईना दिखाते हुए कहा कि उन्होंने 2018 में 500 रूपये प्रतिमाह महिलाओं को देने की घोषणा पर कोई अमल नहीं किया । आज सदन में विपक्ष के सदस्य आंकड़ों में उलझकर असफल दिखाई दिये।


