Nida Khan Arrested : 9 एफआईआर और महीनों की तलाश , आखिरकार कानून के शिकंजे में आई निदा खान
तुलसी पूजा का नियम क्या कहता है?
धर्म ग्रंथों के अनुसार, एकादशी के दिन तुलसी माता भगवान विष्णु के लिए व्रत रखती हैं। इसी वजह से इस दिन तुलसी के पत्ते तोड़ने की मनाही होती है। मंदिरों और घरों में सुबह-सुबह घंटियों की आवाज के बीच कई लोग पहले से तोड़े गए तुलसी दल से भगवान विष्णु की पूजा करते दिखाई देते हैं। धार्मिक मान्यता कहती है कि एक दिन पहले यानी दशमी तिथि पर तुलसी दल तोड़कर सुरक्षित रख लेना चाहिए। इन्हीं पत्तों का उपयोग एकादशी पूजा में किया जाता है। हालांकि श्रद्धालु तुलसी माता के सामने दीपक जला सकते हैं, प्रणाम कर सकते हैं और परिक्रमा भी कर सकते हैं।
अपरा एकादशी का आध्यात्मिक महत्व
अपरा एकादशी को पुण्य कमाने वाली एकादशी कहा जाता है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से पापों से मुक्ति मिलती है और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। सुबह के शांत वातावरण में जब भजन और मंत्रोच्चार गूंजते हैं, तो भक्तों की आस्था साफ महसूस होती है। धर्माचार्यों का कहना है कि व्रत के दौरान सात्विक भोजन, संयम और पूजा का विशेष महत्व होता है। कई परिवारों में इस दिन पूरी रात जागरण और विष्णु सहस्रनाम का पाठ भी किया जाता है।


