CG News : रायपुर। छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों ने नक्सल विरोधी अभियान के दौरान बड़ी सफलता हासिल करने का दावा किया है। संयुक्त अभियान के दौरान जवानों ने जंगल के भीतर माओवादियों की कथित हथियार निर्माण इकाई का पता लगाया और वहां से लगभग 6 टन विस्फोटक एवं हथियार निर्माण से संबंधित सामग्री बरामद की। अधिकारियों के अनुसार, बरामद सामान का इस्तेमाल हथियारों की मरम्मत, निर्माण और सुरक्षा बलों के खिलाफ हमलों की तैयारी में किया जा सकता था। कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में तलाशी अभियान और तेज कर दिया गया है।
खुफिया सूचना के आधार पर चला संयुक्त अभियान
सुरक्षा एजेंसियों को सूचना मिली थी कि घने जंगलों में माओवादी संगठन ने एक अस्थायी हथियार निर्माण केंद्र और सामग्री भंडारण स्थल तैयार किया है। इसके बाद पुलिस, जिला रिजर्व गार्ड (DRG), विशेष कार्य बल (STF) और केंद्रीय सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। कई घंटे तक जंगल में तलाशी के बाद जवानों को संदिग्ध स्थान मिला, जहां बड़ी मात्रा में सामान छिपाकर रखा गया था।
6 टन सामग्री बरामद, जांच शुरू
अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने लोहे के उपकरण, मशीनों के पुर्जे, पाइप, तार, जनरेटर, वेल्डिंग से जुड़ा सामान, विस्फोटक सामग्री तैयार करने में उपयोग होने वाले उपकरण तथा अन्य सामग्री बरामद की। अधिकारियों के अनुसार, कुल बरामद सामान का वजन लगभग 6 टन है। सभी सामग्री को जब्त कर जांच के लिए भेज दिया गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसका उपयोग किन गतिविधियों में किया जा रहा था।
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माओवादियों की रणनीति को लगा झटका
अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से माओवादी संगठन की लॉजिस्टिक क्षमता और हथियारों की आपूर्ति व्यवस्था को बड़ा नुकसान पहुंचा है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि जंगल में इस तरह के ठिकानों का उपयोग हथियारों की मरम्मत, निर्माण और आवश्यक संसाधनों के भंडारण के लिए किया जाता था। बरामदगी के बाद आसपास के क्षेत्रों में भी व्यापक सर्च अभियान चलाया जा रहा है।
लगातार जारी है नक्सल विरोधी अभियान
छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बल लगातार माओवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए अभियान चला रहे हैं। हाल के महीनों में कई मुठभेड़ों, गिरफ्तारियों और हथियार बरामदगी की घटनाओं के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जंगलों में सक्रिय माओवादी नेटवर्क को कमजोर करने के लिए खुफिया तंत्र और संयुक्त अभियानों को लगातार बढ़ाया जा रहा है।
सुरक्षा बलों ने बढ़ाई निगरानी
कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बरामद सामग्री की फोरेंसिक और तकनीकी जांच कराई जाएगी तथा उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस कथित हथियार निर्माण केंद्र का संचालन कौन कर रहा था और इससे जुड़े अन्य लोगों की क्या भूमिका थी।
सुरक्षा एजेंसियों ने कहा है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अभियान आगे भी जारी रहेगा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा।


