FBI Operation Hard Ball : नई दिल्ली। अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान शुरू किया है। ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल (Operation Hard Ball)’ नाम से चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत अमेरिका, कनाडा और यूरोप के कई देशों में एक साथ 50 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की गई। इस कार्रवाई में करीब 20 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जबकि भारी मात्रा में ड्रग्स, हथियार और नकदी बरामद की गई है।

एफबीआई के अनुसार यह अभियान लंबे समय से चल रही जांच का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य लॉरेंस बिश्नोई और उससे जुड़े अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना है। अमेरिकी एजेंसियों का दावा है कि यह गिरोह कई देशों में संगठित अपराध, ड्रग्स तस्करी, रंगदारी और हिंसक वारदातों से जुड़ा रहा है।
कैलिफोर्निया समेत कई इलाकों में एक साथ हुई कार्रवाई
एफबीआई एजेंटों ने स्थानीय पुलिस विभागों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के सहयोग से लॉस एंजेलिस सहित कैलिफोर्निया के कई शहरों में एक साथ छापेमारी की। इसके अलावा कनाडा और यूरोप के विभिन्न देशों में भी समन्वित कार्रवाई की गई।
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने हेरोइन, कोकीन समेत कई मादक पदार्थ, बड़ी संख्या में आग्नेयास्त्र और हजारों डॉलर की नकदी जब्त की है। जांच एजेंसियों का कहना है कि बरामद सामान अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क के संचालन में इस्तेमाल किया जा रहा था।
जेल में रहते हुए भी नेटवर्क संचालित करने का आरोप
सूत्रों के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई जेल में बंद होने के बावजूद कथित तौर पर तस्करी कर अंदर पहुंचाए गए मोबाइल फोन के जरिए अपने सहयोगियों से संपर्क बनाए रखता था। जांच एजेंसियों का दावा है कि वह जेल से ही अपने गुर्गों को निर्देश देता था और विदेशों में फैले नेटवर्क की गतिविधियों पर नजर रखता था।
हालांकि इन दावों की जांच जारी है और एजेंसियां डिजिटल एवं तकनीकी साक्ष्य जुटाने में लगी हैं।
हाई-प्रोफाइल अपराधों में शामिल होने का आरोप
अमेरिकी जांच एजेंसियों का कहना है कि लॉरेंस बिश्नोई से जुड़ा नेटवर्क हाई-प्रोफाइल हत्याओं, करोड़ों रुपये की रंगदारी, अवैध वसूली और अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में शामिल रहा है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि गिरोह सीमा पार ड्रग्स की तस्करी के लिए कमर्शियल ट्रकिंग रूट्स का इस्तेमाल करता था। साथ ही प्रतिद्वंद्वी अपराधी गिरोहों से कोकीन की बड़ी खेप लूटने के भी आरोप इस नेटवर्क पर लगाए गए हैं।
गोल्डी बराड़ और जग्गू भगवानपुरिया के नेटवर्क भी निशाने पर
एफबीआई की इस कार्रवाई में केवल लॉरेंस बिश्नोई के करीबी सहयोगियों को ही नहीं, बल्कि उसके सहयोगी माने जाने वाले गोल्डी बराड़, जग्गू भगवानपुरिया और रविंदर सिंह ढांडा से जुड़े नेटवर्क को भी निशाना बनाया गया।
जांच एजेंसियों का मानना है कि ये गिरोह एक-दूसरे के साथ मिलकर विभिन्न देशों में संगठित अपराधों को अंजाम देते रहे हैं। छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए गए हैं, जिनकी फोरेंसिक जांच की जा रही है।
विदेशी अपराधी संगठनों पर जीरो टॉलरेंस
अमेरिकी अभियोजकों ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका की धरती पर सक्रिय विदेशी आपराधिक संगठनों के खिलाफ उनकी जीरो टॉलरेंस नीति है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय गैंग को अमेरिका में अपराध फैलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी और ऐसे नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त करने के लिए आगे भी अभियान जारी रहेगा।
कनाडा पहले ही घोषित कर चुका है आतंकी संगठन
गौरतलब है कि कनाडा सरकार पिछले वर्ष लॉरेंस बिश्नोई गैंग को आतंकी संगठन घोषित कर चुकी है। आरोप है कि यह गिरोह भारत के अलावा अमेरिका, कनाडा और यूरोप में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों से रंगदारी वसूलने और धमकियां देने जैसी गतिविधियों में शामिल रहा है।
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भारतीय जांच एजेंसियां भी कई बार यह कह चुकी हैं कि लॉरेंस बिश्नोई का नेटवर्क विदेशों तक फैला हुआ है और वहीं से भारत में कई आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रची जाती रही है।
आगे क्या?
एफबीआई ने संकेत दिए हैं कि ऑपरेशन हार्ड बॉल अभी समाप्त नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई अन्य संदिग्धों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। इस अभियान को वैश्विक संगठित अपराध के खिलाफ अमेरिका की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।


