Mahtari Vandan Yojana’ खैरागढ़। छत्तीसगढ़ की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। खैरागढ़ जिले में एक पुरुष के खाते में करीब एक साल तक योजना की राशि पहुंचती रही। बताया जा रहा है कि आवेदन फॉर्म भरते समय व्यक्ति ने गलती से नहीं बल्कि अपने ही नाम को हितग्राही और पति दोनों के स्थान पर दर्ज कर दिया था। इसके बावजूद आवेदन स्वीकृत हो गया और उसे लगातार योजना का लाभ मिलता रहा।
मामला सामने आने के बाद अब योजना की पात्रता जांच और आवेदन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
आवेदन में खुद को बताया हितग्राही और पति
जानकारी के अनुसार, संबंधित व्यक्ति ने महतारी वंदन योजना के लिए आवेदन किया था। आवेदन फॉर्म में हितग्राही के नाम वाले कॉलम में उसने अपना नाम दर्ज किया, वहीं पति के नाम वाले कॉलम में भी अपना ही नाम लिख दिया।
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नियमों के अनुसार यह योजना पात्र विवाहित महिलाओं के लिए है, जिसमें पति की जानकारी भी जरूरी होती है। इसके बावजूद आवेदन की जांच प्रक्रिया में यह गलती पकड़ में नहीं आई और आवेदन स्वीकृत कर दिया गया।
एक साल तक खाते में पहुंचती रही योजना की राशि
आवेदन मंजूर होने के बाद संबंधित व्यक्ति के बैंक खाते में महतारी वंदन योजना की राशि आने लगी। करीब एक साल तक उसे योजना का लाभ मिलता रहा।
जब यह मामला सामने आया तो विभागीय स्तर पर जांच शुरू की गई। अधिकारियों ने दस्तावेजों और आवेदन की जानकारी की जांच की, जिसमें यह गड़बड़ी सामने आई।
व्यक्ति ने बताया- ट्रायल के लिए भरा था फॉर्म
मामले में संबंधित व्यक्ति ने सफाई देते हुए कहा कि उसने यह फॉर्म केवल ट्रायल के तौर पर भरा था। उसका उद्देश्य योजना की प्रक्रिया को समझना था। हालांकि आवेदन स्वीकार हो जाने और राशि खाते में आने के बाद मामला चर्चा में आ गया।
अब विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि आवेदन की जांच के दौरान इतनी बड़ी गलती कैसे नजरअंदाज हो गई।
योजना की जांच प्रक्रिया पर उठे सवाल
इस घटना के बाद महतारी वंदन योजना के तहत किए जा रहे आवेदनों के सत्यापन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। योजना में पात्र हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाने के लिए दस्तावेजों की जांच और जानकारी का मिलान जरूरी होता है।
अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए आवेदन सत्यापन प्रक्रिया को और मजबूत करने पर भी विचार किया जा सकता है।
फिलहाल प्रशासन इस मामले में आगे की प्रक्रिया पूरी करने में जुटा है। यह पता लगाया जा रहा है कि कितनी राशि का भुगतान हुआ और नियमों के अनुसार आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।


